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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

घर में रहन-सहन की परिस्थितियां कई बीमारियों को पैदा करने या स्वास्थ्य की मुश्किलें बढ़ाने की वजह बन सकती हैं। स्वास्थ्य के लिए घरों में मौजूद कई आम जोखिम पर्यावरण के लिए भी मुश्किल का कारण हैं और ये छोटे बच्चों, बुज़ुर्गों और कई बार पूरे समाज के लिए खतरा बन सकते हैं।

वीओसी अस्थिर, कार्बन युक्त कंपाउंड होते हैं, जो आसानी से हवा में भाप बनकर समा जाते हैं। वीओसी के कण हवा में प्रवेश करने पर दूसरे तत्वों के साथ रिएक्ट करके ओज़ोन बनाते हैं जिससे हवा में प्रदूषण बढ़ता है। इसकी वजह से लोगों में कई सारी स्वास्थ्य समस्याएं होती हैं जैसे सांस लेने में तकलीफ़, सिरदर्द, आंखों में जलन और पानी आना और जी मिचलाना। कुछ वीओसी को कैंसर और किडनी/लीवर को नुकसान पहुंचाने के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है।

पेंट, वार्निश, घर की सफ़ाई में काम आने वाले केमिकल, कुछ खास गोंद, स्याही और निर्माण सामग्री।

वीओसी फेफड़ों के विकार, एलर्जी, आंखों में पानी, बहती नाक, लाल आंखें, खांसी और गले में खराश का कारण बन सकते हैं। इसके अलावा यह शिशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम कर देते हैं।

छोटे बच्चे समय का अधिकांश हिस्सा अपने घर पर बिताते हैं और वो जैविक रूप से सबसे कमज़ोर भी होते हैं। वयस्कों की तुलना में बच्चों का शरीर पर्यावरण में मौजूद विषैले पदार्थों को अधिक मात्रा में ग्रहण करता है और उनके तेज़ी से बढ़ते अंगों को प्रदूषकों से अधिक जोखिम होता है। बच्चे स्वाभाविक रूप से ज़मीन पर लड़खड़ाते हुए खेलते हैं, इसलिए फ़र्श पर मौजूद दूषित पदार्थों से सीधे संपर्क में आते हैं। मुंह में हाथ डालने की स्वाभाविक आदत के चलते और खेल-खेल में यह पदार्थ उनके शरीर में जा सकते हैं। इससे होने वाले खतरनाक रोगों में खून में लेड की मात्रा का बढ़ना, अस्थमा और अन्य सांस की बीमारियां शामिल हैं।

वीओसी मुख्य रूप से बुज़ुर्गों के फेफड़ों को शिकार बनाते हैं। यह वयस्कों में दिल और फेफड़ों की बीमारी का कारण बन सकते हैं। फेफड़ों की घटती कार्यक्षमता की वजह से क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पलमोनरी रोग हो सकता है।

गर्भावस्था के दौरान वीओसी से संपर्क कम से कम होना ज़रूरी है। वीओसी मासिक धर्म संबंधी विकार पैदा करके और बाद में गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ा कर एक महिला के प्रजनन स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

अच्छा वेंटिलेशन सुनिश्चित करना, नमी और पानी से होने वाले नुकसान को नियंत्रित करना, यह ध्यान रखना कि ज्वलनशील उपकरणों से गर्मी और गैस सही तरीके से बाहर निकलें और विषैले पदार्थों के संपर्क से बचने के लिए बुनियादी उपायों का पालन करना ज़रूरी है। ज़्यादातर मामलों में, घरों की मरम्मत आदि के दौरान अनजाने में खतरा पैदा करने के प्रति सावधान रहने की ज़रूरत होती है। कुछ मामलों में, कम खर्चीले सुधारों द्वारा भी घर को स्वस्थ रखा जा सकता है। उदाहरण के लिए हर बाथरूम और रसोई में एग्जॉस्ट फ़ैन होना चाहिए, जो नमी और सीलन बाहर काल सके। इसके अलावा, स्वास्थ्य संबंधी खतरों का पता लगाने के लिए समय-समय पर घर की जांच करते रहना ज़रूरी है।

ग्रीन सील वाले पेंट पर्यावरण के लिए निश्चित मानकों को पूरा करा करने की गारंटी देते हैं। ग्रीन सील वाले पेंट्स में नॉन-फ्लैट फिनिश के लिए 100 ग्राम प्रति लीटर वीओसी होना चाहिए जबकि फ्लैट फिनिश के लिए 50 ग्राम प्रति लीटर वीओसी होना चाहिए। प्राइमर्स और फ्लोर पेंट्स के लिए वीओसी की तय सीमा 100 ग्राम प्रति लीटर है, जबकि रिफलेक्टिव वॉल कोटिंग्स में 50 ग्राम प्रति लीटर से ज़्यादा वीओसी नहीं होना चाहिए। इसके अलावा कम वीओसी वाले पेंट बनाने वाली कंपनियों को वीओसी प्रमाण पत्र भी दिया जाता है।

लेटेक्स और फ्लैट फिनिश पेंट्स तेल आधारित और अन्य पेंट्स
कम वीओसी वाले पेंट < 250 ग्राम प्रति लीटर < 380 ग्राम प्रति लीटर
वीओसी मुक्त पेंट < 5 ग्राम प्रति लीटर

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