भाषायें

लगाने के तरीकों का विवरण

Application Details

सतह की परिस्थिति और तैयारी, जोड़/खांचों का भराव

फ़्लोर कोटिंग सिस्टम की सफ़लता और लंबी आयु मुख्यतः फ़्लोर की स्थिति और सतह की तैयारी पर निर्भर करती है।

सब्सट्रेट और फ़्लोरिंग सिस्टम के बीच बेहतरीन और अधिकतम जुड़ाव के लिए एक अच्छे, साफ़ और सूखे कॉन्क्रीट सब्सट्रेट का होना अत्यंत आवश्यक है। कॉन्क्रीट की नई सतह कम से कम 20 दिन पुरानी हो, क्योरिंग कंपाउंड्स और सीलर्स से मुक्त हो, नमी या वेपर रिलीज़ से मुक्त हो और प्राइमर लगाए जाने से पहले उसमें नमी का स्तर 5 प्रतिशत से कम होना चाहिए। पुरानी कॉन्क्रीट सतह को गीलेपन और बढ़ती नमी के साथ तेल के गहरे दूषण और थर्मोप्लास्टिक कोटिंग्स से मुक्त होना चाहिए।

फ़र्श से तेल की अशुद्धियों को हटाने के लिए केमिकल/सॉल्वेंट क्लीनिंग या फ़्लेम क्लीनिंग की जाती है ताकि सतह को तेल से मुक्त करके प्राइमर लगाने के लिए तैयार किया जा सके। लेकिन पेंट लगाने से पहले इस तरह के तेल युक्त फ़र्श का अच्छी तरह निरीक्षण करने की सलाह दी जाती है।

प्राइमर कोट : यह सुनिश्चित कीजिए कि प्राइमर कोट लगाने से पहले सतह धूल से मुक्त हो, फ़र्श को रगड़कर सूखने दें फिर तैयार किए गए फ़्लोर #2346;र इपॉक्सी प्राइमर कोट का पहला कोट लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें।.

इपॉक्सी स्क्रीड लेयर : प्राइमर कोट के सूखने के बाद फ़्लोर पेंट सिस्टम के सुझाव के मुताबिक मोटाई वाली इपॉक्सी स्क्रीड लेयर को लगाया जाता है।.

सॉफ़्ट ग्राइंडिंग : चिकनी और समतल सतह प्राप्त करने और फ़िनिश और टॉपकोट से स्क्रीड लेयर की ढीली कोटिंग सामग्री को हटाने के लिए आवश्यक सॉफ़्ट ग्राइंडिंग प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है।.

सीलर कोट या टॉप कोट : फ़्लोर की सॉफ़्ट ग्राइंडिंग और सफ़ाई (ग्राइंडिंग के दौरान निकली धूल से मुक्त) करने के बाद निर्दिष्ट सीलर कोट या टॉप कोट को सुझाई गई मोटाई के साथ लगाया जाता है और फिर कम से कम 24 घंटों के लिए सूखने दिया जाता है।

SEND US YOUR QUERIES

हमें अपने प्रश्न भेजें